Aswini

82nd Avataran Divas Of Pujya Bapuji

अवतरण दिवस का संदेश

वर्षगाँठ के दिन वर्षभर में जो आपने भले कार्य किये वे भूल जाओ, उनका ब्याज या बदला न चाहो, उन पर पोता फेर दो । जो बुरे कार्य किये, उनके लिए क्षमा माँग लो, आप ताजे-तवाने हो जाओगे । किसीने बुराई की है तो उस पर पोता फेर दो । तुमने किसीसे बुरा किया है तो वर्षगाँठ के दिन उस बुराई के आघात को प्रभावहीन करने के लिए जिससे बुरा किया है उसको जरा आश्वासन, स्नेह दे के, यथायोग्य करके उससे माफी करवा लो, छूटछाट करवा लो तो अंतःकरण निर्मल हो जायेगा, ज्ञान प्रकट होने लगेगा, प्रेम छलकने लगेगा, भाव-रस निखरने लगेगा और भक्ति का संगीत तुम्हारी जिह्वा के द्वारा छिड़ जायेगा ।

कोई भी कार्य करो तो उत्साह से करो, श्रद्धापूर्वक करो, अडिग धैर्य व तत्परता से करो, सफलता मिलेगी, मिलेगी और मिलेगी ! और आप अपने को अकेला, दुःखी, परिस्थितियों का गुलाम मत मानो । विघ्न-बाधाएँ तुम्हारी छुपी हुई शक्तियाँ जगाने के लिए आती हैं । विरोध तुम्हारा विश्वास जगाने के लिए आता है ।

जो बेचारे कमजोर हैं, हार गये हैं, थक गये हैं बीमारी से या इससे कि ‘कोई नहीं हमारा...', वे लोग वर्षगाँठ के दिन सुबह उठ के जोर से बोलें कि ‘मैं अकेला नहीं हूँ, मैं कमजोर या बीमार नहीं हूँ । हरि ॐ ॐ ॐ...' इससे भी शक्ति बढ़ेगी ।

आप जैसा सोचते हैं वैसे बन जाते हैं । अपने भाग्य के आप विधाता हैं । तो अपने जन्मदिन पर यह संकल्प करना चाहिए कि  ‘मुझे मनुष्य-जन्म मिला है, मैं हर परिस्थिति में सम रहूँगा; मैं सुख-दुःख को खिलवाड़ समझकर अपने जीवनदाता की तरफ यात्रा करता जाऊँगा - यह पक्की बात है ! हमारे अंदर आत्मा-परमात्मा का असीम बल व योग्यता छिपी है ।' 

ऐसा करके आगे बढ़ो । सफल हो जाओ तो अभिमान के ऊपर पोता फेर दो और विफल हो जाओ तो विषाद के ऊपर पोता फेर दो । तुम अपना हृदयपटल कोरा रखो और उस पर भगवान के, गुरु के धन्यवाद के हस्ताक्षर हो जाने दो ।

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